केंद्रीय आवास मंत्री हरदीप पुरी ने अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों को फ्लैट्स दिए जाने की बात ट्वीट कर कही थी लेकिन अब दिल्ली में अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों को घर दिए जाने की खबरों को गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया है. गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि, हमने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है कि अवैध रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली के बक्करवाला में फ्लैट्स दिए जाएंगे.

गृह मंत्रालय ने कहा- ऐसा कोई आदेश नहीं

दरअसल, केंद्रीय शहरी विकास और आवास मंत्री हरदीप पुरी ने ट्वीट कर कहा था कि, भारत ने हमेशा शरण मांगने वालों का स्वागत किया है. एक ऐतिहासिक फैसले में तय किया गया है कि रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली के बक्करवाला में ईडब्ल्यूएस (EWS) फ्लैट्स में शिफ्ट किया जाएगा. उन्हें बेसिक सुविधाएं दी जाएंगी और 24 घंटे की सुरक्षा भी दी जाएगी. आपको बता दें कि इसके बाद गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि ऐसा कोई आदेश नहीं है.

डिटेंशन सेंटर में ही रहेंगे

बता दें कि गृह मंत्रालय ने कहा कि, दिल्ली सरकार ने प्रपोजल दिया था कि रोहिंग्या को नई लोकेशन पर शिफ्ट किया जाए लेकिन हमने उन्हें निर्देश दिया कि रोहिंग्या को अभी वही रखा जाएं जहां वो हैं. अभी बात चल रही है तब तक उन्हें डिटेंशन सेंटर में ही रखा जाएगा.

मिली जानकारी के मुताबिक, बीती जुलाई के आखिरी हफ्ते में हुई बैठक में जोर दिया गया था कि दिल्ली सरकार मदनपुर खादर इलाके में रोहिंग्याओं के टेंट के लिए करीब सात लाख रूपए हर माह किराया दे रही है.

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भारत में बढ़ी रोहिंग्याओं की संख्या

बात करें रोहिंग्याओं की तो भारत में साल 2012 के बाद रोहिंग्या मुस्लिमों की संख्या बढ़ी है. साल 2017 में मोदी सरकार ने राज्यसभा में बताया था कि भारत में करीब हजारों की संख्या में रोहिंग्या आबादी अवैध रूप से रह रही है. सरकार के मुताबिक, देश में रोहिंग्या विशेषकर दिल्ली-एनसीआर, जम्मू कश्मीर, हैदराबाद, हरियाणा, उत्तर प्रदेश राजस्थान और मणिपुर में हैं.