बड़े या फिर छोटे पर्दें पर हम जब भी बाल कलाकारों को दमदार एक्टिंग करते हुए देखते है तब हमारे मन में यही ख्याल आता है कि बचपन से ही इन कलाकारों के लिए सफलता के रास्ते खुल चुके हैं. हालंकि आज कल बॉलीवुड में सफलता की गारंटी पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लगता है. बॉलीवुड में काम पाना आज के समय में बहुत मुश्किल हो गया है. अगर आपका बॉलीवुड में कोई गॉडफादर है तो आपको यहाँ काम मिलने में बिलकुल भी दिक्क्त नहीं होगी, लेकिन अगर आपका बॉलीवुड में कोई भी गॉडफादर नहीं हैं तो आपको दर-दर भटकने के बाद, फिल्म निर्माताओं-निर्देशकों के ऑफिस के कई चक्कर लगाने के बाद ही फिल्मों में कोई छोटा सा रोल मिल जाता है. बॉलीवुड में जो आज हिट है वो कल भी हिट रहे इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती है. बॉलीवुड में आपको ऐसे बहुत से सितारे देखने को मिल जाएंगे जिन्होंने बाल कलाकार के रूप में ये सोचकर अपने करियर की शुरुआत की थी कि उन्हें बड़ा होने के बाद फिल्मों में काम पाने में मुश्किल नहीं होगी, लेकिन फिर ये बाल कलाकार बड़े होकर फिल्मों में खुद को बड़े सितारों की लिस्ट में शामिल करने में नाकामयाब रहे. आज हम आपको बॉलीवुड के ऐसे ही बाल कलाकारों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें बड़े होकर नहीं मिली फिल्मों में सफलता.

3. मास्टर राजू

70 के दशक में बॉलीवुड की बहुत सी फिल्मों में मास्टर राजू यानी फहीम अनजानी ने एक बाल कलाकार के रूप में काम करना शुरू किया था. मास्टर राजू की प्यारी सी सूरत देखकर हर कोई उन पर दिल हार जाता है. फिल्म ”परिचय” के लिए गुलजार एक ऐसे बाल कलाकार की तलाश कर रहे थे जिसने पहले कभी फिल्मों में काम ना किया हो. जब राजू इस फिल्म का ऑडिशन देने आए थे तब गुलजार ने उनसे बात की तो राजू जोर-जोर से रोने लगे. राजू के माता-पिता को लगा राजू को रिजेक्ट कर दिया गया है जिस वजह से वो रो रहे हैं. हालाँकि बाद में राजू के माता-पिता को गुलजार ने बताया कि उन्हें अपनी फिल्म के लिए ऐसे ही एक बच्चे की तलाश थी. गुलजार की परिचय फिल्म के आलावा राजू ने ”बावर्ची”, ”अभिमान”, ”दाग”, ”अंखियों के झरोखों से”, ”किताब”, ”चितचोर” जैसी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से लोगों का खूब मनोरंजन किया. इसके साथ ही राजू ने ”अफसाना प्यार का”, ”शतरंज”, ”खुद्दार”, ”साजन चले ससुराल” जैसी फिल्मों में काम किया,लेकिन जैसे जैसे राजू की उम्र बढ़ती गयी उन्हें फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया और उन्होंने अपना रुख टीवी की तरह मोड़ दिया. छोटे पर्दें के सीरियल ”चुनौती”, ”अदालत”, ”बानी-इश्क दा कलमा” जैसे हिट शो में भी राजू ने काम किया,लेकिन उन्हें कुछ खास पहचान नहीं मिली. जिस वजह से उन्होंने एक्टिंग की दुनिया से किनारा कर लिया.

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2. तनवी हेगड़े

90 के दशक में छोटे पर्दें का सबसे हिट शो ”सोनपरी” तो आपको अच्छे से याद ही होगा. इस शो में सोनपरी का किरदार मृणाल देव कुलकर्णी ने और फ्रूटी नाम की बच्ची का किरदार तनवी हेगड़े ने निभाया था. ये छोटे पर्दें का एक ऐसा शो था जिसको बच्चे बहुत ही शौक से देखते थे. इस शो ने TRP के रिकॉर्ड तोड़े थे. अपने अनोखे नाम और शो में अपने शानदार अभिनय की वजह से तन्वी बच्चों के बीच में बहुत ज्यादा फेमस हो गयी थी. उस समय तनवी की लोकप्रियता को देखकर हर किसी को यही लगने लगा था कि वो भविष्य में बॉलीवुड फिल्मों में भी कदम रखेगी और बहुत बड़ी स्टार बनेगी. हालाँकि ऐसा बिलकुल भी नहीं हुआ. तन्वी फिल्मों का बहुत बड़ा नाम नहीं बन पाई, लेकिन उन्होंने मराठी फिल्मों में जरूर काम किया था.

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1. शाहिंदा बेग

80 के दशक में बेबी गुड्डू के नाम से जानी जाने वाली बाल कलाकार का नाम शाहिंदा बेग था. आपको बता दें कि शाहिंदा बेग फिल्म मेकर एम एम बेग की बेटी है. बेबी गुड्डू ने ”औलाद”, ”समुंदर”, ”घर घर की कहानी”, ”मुल्जिम”, ”नगीना” जैसी बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में गहरी छाप छोड़ी है. बेबी गुड्डू ने फिल्मों के आलावा विज्ञापनों के जरिये भी बहुत नाम और शोहरत कमाई है. एक बाल कलाकार के रूप में शाहिंदा बेग ने आखिरी बार साल 1991 में ”घर परिवार” फिल्म में काम किया था, लेकिन फिर उन्होंने फिल्मों से किनारा कर लिया.

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अब शाहिंदा बेग दुबई के अमीरात एयरलाइंस के साथ काम करती है और दुबई में ही रहती है.