India Canada Tension: गृहमंत्री अमित शाह से मिले शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल, ‘पंजाब में दहशत’ का माहौल बताया

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फाइल फोटो

कनाडा के साथ तनाव के बीच शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और सांसद सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने कहा था कि, ‘सिखों को आतंकवाद से जोड़कर गलत धारणा बनाई जा रही है. कनाडा और भारत के बीच बढ़ते तनाव के बीच पंजाब में लोगों में दहशत की भावना है. बहुत सारे पंजाबी कनाडा में बस गए हैं. पंजाब में दहशत का माहौल है इसलिए भारत और कनाडा की सरकारों को इस मुद्दे का समाधान जरूर ढूंढना चाहिए…’ बता दें कि दोनों देशों के बीच तनाव जारी है जिससे दोनों ही देशों के रिश्तों पर काफी असर देखने को मिल रहा है.

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क्यों है तनाव ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच जारी तनाव के मद्देनजर भारत ने 21 सितंबर, गुरुवार को कनाडा के लिए अपनी वीजा सेवाएं अगले नोटिस तक स्थगित कर दी. कनाडा नागरिकों के वीजा आवेदनों की प्रारंभिक जांच का काम करने वाली एक निजी एजेंसी ने अपनी वेबसाइट पर एक सूचना जारी की है कि भारतीय वीजा सेवाओं को अगले नोटिस तक निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, जून में खालिस्तान अलगाववादी नेता हरदीप सिंह गुर्जर की हत्या में भारतीय जंतुओं की संभावित संलिप्त के कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गया है. भारत ने बीते मंगलवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया था और इस मामले में कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के बदले में एक वरिष्ठ कनाडा राजनायिक को निष्कासित कर दिया था.

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कनाडा में रहने वाले भारतीयों के लिए जारी परामर्श
आपको बता दें कि भारत ने 20 सितंबर, बुधवार को और कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से समर्थित घृणा, अपराधों और अपराधी हिंसा को देखकर वहां रह रहे अपने नागरिक और वहां की यात्रा का विचार कर रहे अपने नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने का परामर्श जारी किया है. इतना ही नहीं उत्तर अमेरिका देश में खालिस्तान समर्थक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर पिछले कुछ महीनो से भारत और कनाडा के संबंध तनावपूर्ण ही है. भारत ऐसा मानता है कि कनाडा सरकार उसके वास्तविक चिंताओं पर ध्यान नहीं दे रही है. बताते चलें कि भारत और कनाडा के संबंध लगातार ख़राब होते जा रहे हैं जिसका असर हो सकता है कि आगामी दिनों में और भी ज्यादा देखने को मिले. बहरहाल, देखने वाली बात ये है कि आखिर दोनों देशों के रिश्ते कब तक सामान्य हो पाते हैं.