तेज हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रफ्तार: देश में रोजगार में हो रही बढ़ोत्तरी तो वही वाहनों की बिक्री में आ रही तेजी, तेजी से मांग बढ़ने के आ रहे संके

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देश के ग्रामीण हिस्सो की अर्थव्यवस्था में तेजी वापस लौट रही है। अमेरिकी फाइनेंशियल कंपनी मॉर्गन स्टेनली के रिपोर्ट की माने तो रोजगार, लोन लेने, वाहनों की बिक्री और व्यापार जैसे संकेतकों से ऐसी तस्वीर निकल कर सामने आ रही है। मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में बढ़ोत्तरी होने वाली है। बाजार के पूरी तरह खुलने, श्रम मार्केट में सुधार और ग्रामीण इलाकों में व्यापार की स्थिति में सुधार आने से इसमें और मदद मिल रही है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल 2022 से फूड इनफ्लेशन बढ़ने के अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था कोविड की दूसरी लहर से भी बुरी तरह प्रभावित हुई थी। बीते कुछ महीनों में हालात में लेकिन तेजी से सुधार दर्ज किया गया हैं।

साल भर से मंदी के बाद पिछले 3 माह से सुधरी स्थिति

मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, पिछले 3 महीनों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सामान्य स्थिति की ओर जा रही है। इससे पहले लगातार 1 साल इसमें मंदी के संकेत मिले थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते 3-4 महीनों से हमारे सारे ग्रामीण गतिविधि ट्रैकर सुधार का संकेत कर रहे है।

1- सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के मुताबिक, सितंबर महीने में देश में बेरोजगारी की दर 8 महीनों के निचले स्तर पर रही।

2- बीते महीने में देश में 11 लाख से ज्यादा दोपहिया वाहनों को बिक्री ही। यह कोविड से पूर्व के यानी अक्टूबर 2020 के बाद दोपहिया वाहनों की बिक्री का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

3- RBI के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में कृषि लोन लेने की दर 13.4% बढ़ी। साल के पहले 9 महीनों में कृषि लोन ग्रोथ कभी भी इतनी नहीं रही।

उम्मीद है ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था का विकास और तेज गति से होगा और इसके वृद्धि दर में और तेजी आयेगी।