लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई है और ऐसे में हर राजनीतिक पार्टी अपना-अपना एजेंडा तय कर रही है. जातीय वोट बैंकों को भी साधा जा रहा है. वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से ओबीसी वोट बैंक को साधने के लिए योजना तैयार की जा रही है.

आपको बता दें कि यूपी सरकार ने प्रदेश में नौकरी में ओबीसी के प्रतिनिधित्व का आंकलन करने के लिए एक्सरसाइज शुरू की है. अब इसके तहत देखा ये जा रहा है कि अन्य पिछड़े वर्ग के तहत आने वाली जातियों को एक समान सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल भी पा रहा है या नहीं.

लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियां तेज

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियां तेज कर दी गई है. बता दें कि सरकार की ओर से लोक उद्यम ब्यूरो को सरकारी सेवाओं में कार्यरत ओबीसी कैटेगरी के कर्मियों का पूरा डेटा जुटाने के निर्देश दिए गए हैं. इस बार सबसे ज्यादा ओबीसी वर्ग को टारगेट किया जा रहा है और उसी वोट बैंक के साथ सत्ता पर काबिज होने की कोशिश की जा रही है.

ओबीसी वर्ग चुनावों में एक बड़ा फैक्टर

मिली जानकारी के मुताबिक, ओबीसी वर्ग चुनावों में एक बड़ा फैक्टर बनकर उभरे हैं. साल 2014 के बाद से बीजेपी ने पीएम मोदी के सहारे इस वर्ग को साधने में सफलता हासिल की है. वहीं यूपी चुनाव 2022 में ओबीसी वोट बैंक का बड़ा समर्थन बीजेपी को मिलता दिखा है तो इससे लोकसभा चुनाव 2024 के कयास भी तेज हो गए हैं. हालांकि, यूपी चुनाव 2022 में जहां बीजेपी को बड़ा समर्थन मिला दिखा तो वहीं समाजवादी पार्टी के पक्ष में यादव और मुस्लिम वोट बैंक भी एकजुट रहा.

Also Read -   How Modi Government transformed the Aviation Sector in the last 5 years?

लोकसभा चुनाव 2024

बताते चलें कि लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सारी पार्टियों ने कमर कस ली है. ओबीसी वोट बैंक को साधा जा रहा है और लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कार्य किया जा रहा है. इसके बाद अन्य वोट बैंक को साधने की भी राजनीति हो सकती है.