नोएडा के सेक्टर 93 ए में ट्विन टॉवर्स का ध्वस्तीकरण कर दिया गया है और अब यह मलबे के ढेर के साथ तब्दील हो चुका है. बता दें कि एक बटन दबाते ही टावर ध्वस्त हो गया और मिट्टी में मिल गया. इसके साथ ही करोड़ों रुपए भी ढह गए जो इस टावर को बनाने में खर्च किए गए थे.

मलबे को इस्तेमाल योग्य बनाया जाएगा

आपको बता दें कि इस टावर को बनाने के लिए करीब 750 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे. इतना ही नहीं यह टावर 13 साल में बनकर खड़ा हुआ था और एक बटन दबाते ही महज 12 सेकंड के अंदर ही इसे गिरा दिया गया है. वहीं, इस टावर को गिराने में 17.5 करोड़ की लागत लगी. आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि टावर के मलबे को बर्बाद नहीं किया जाएगा बल्कि इसे नोएडा सेक्टर 80 ट्रीटमेंट प्लांट में इस्तेमाल योग्य बनाया जाएगा.

करोड़ों की लागत से बना था टावर

आपको बता दें कि ट्विन टावर वाली जगह को सुपरटेक लिमिटेड ने 25 करोड़ में खरीदा था इसके साथ ही सुपरटेक लिमिटेड ने नोएडा प्राधिकरण से लेआउट मंजूरी प्राप्त करने के लिए 25 करोड़ रूपए और दिए गए थे. कुल मिलाकर टावर को खड़ा करने में 750 करोड़ की लागत लगी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस टावर को निरस्त किया गया. बता दें कि नियमों के खिलाफ जाने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने इस टावर का ध्वस्तीकरण करने का आदेश दिया था जिसका आधी से ज्यादा आबादी ने सम्मान किया. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध किया.

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