Heavy Rainfall: भारी बारिश ने मचाई तबाही, उत्तर-प्रदेश में भी तांडव…कहीं रेड तो कहीं येलो अलर्ट, देखिए हाल

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देश के कई राज्यों में भारी बारिश से तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है. पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में प्राकृतिक आपदा से 8 लोगों की मौत हो गई है. वहीं बीते 24 घंटे में 5 की आकाशीय बिजली से, 2 की डूबने से तो एक की सांप के काटने से मौत हो गई. यूपी के कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. प्रदेश के 33 जिलों में ज्यादा बारिश, 21 जिलों में सामान्य, 9 जिलों में कम बारिश और 12 जिलों में अत्यधिक कम बारिश की खबर है. बता दें कि यूपी के मेरठ, मैनपुरी, बागपत, मुजफ्फरनगर, कासगंज, झांसी, कानपुर नगर, अलीगढ़, बुलंदशहर और गौतम बुध नगर में सामान्य से ज्यादा बारिश का अलर्ट है.

पहाड़ों पर बारिश से बुरा हाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनाली में ब्यास नदी के किनारे बसी एक इमारत नदी में ढह गई जिसका वीडियो सामने आया है. इस वीडियो को स्थानीय लोगों के द्वारा बनाया गया है जिसे सोशल मीडिया पर देखा जा सकता है. बताया जा रहा है कि भारी बारिश के कहर से एक विशाल इमारत देखते-देखते नदी में गिर जाती है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भी पिछले 2 दिनों से लगातार बारिश जारी है जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. इतना ही नहीं रावी नदी उफान पर है. वहीं, नदी के पास स्थित कई घरों में पानी भी भर चुका है.

डूबे शहर, भारी बारिश का कहर

आपको बता दें कि उत्तर भारत में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. हालत ये है कि पहाड़ हो या मैदान हर ओर पानी-पानी नजर आ रहा है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक बारिश ही बारिश है. इस तबाही के चलते उत्तर भारत में अब तक 38 लोगों की मौत की खबर है तो वहीं हिमाचल में 16 और पंजाब में 5 लोगों की जान गई है. इन राज्यों से बारिश के कई वीडियो भी सामने आ रहे हैं जो काफी भयावह है. वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि, ‘40 साल में पहली बार ऐसी बारिश हुई है, इतनी बारिश बर्दाश्त करने के लिए दिल्ली का सिस्टम डिजाइन नहीं है…’ बताते चलें कि पिछले दो दिनों से बारिश ने कहर मचाया है जिसके चलते पहाड़ी इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी है तो वहीं दिल्ली में भी यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए हाई अलर्ट है. हालांकि, प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए लगातार प्रयासरत है.