बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है. बता दें कि बिहार विधानसभा के स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने फ्लोर टेस्ट से पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, उन्होंने पहले इस्तीफा देने से मना किया था लेकिन अब बड़ी खबर ये है कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

महागठबंधन सरकार लाई अविश्वास प्रस्ताव

आपकों बता दें कि, बिहार की महागठबंधन सरकार उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई थी और विधानसभा स्पीकर ने इस प्रस्ताव पर सवाल खड़े करते हुए उसे अवैधानिक बता दिया था.

क्यों हुई इस्तीफे की मांग

दरअसल, बिहार में सत्ता परिवर्तन हुए करीब 13 से 14 हो गए लेकिन विजय सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया था और सत्ताधारी जेडीयू, आरजेडी पार्टी लगातार इस्तीफे की मांग कर रही थी लेकिन वो इस्तीफा देने को तैयार नहीं थे. बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि जो उन्हें नोटिस दिया गया है वह नियमों के खिलाफ है.

अविश्वास प्रस्ताव पर पेश की सफाई

आपको बता दें कि विजय कुमार सिन्हा ने सफाई देते हुए कहा कि विगत दिनों में सत्ता को बचाए रखने के लिए जो कुछ भी हुआ उस पर इस समय कुछ भी कहना उचित नहीं होगा लेकिन इस दौरान विधायिका की प्रतिष्ठा पर जो प्रश्न खड़े किए गए हैं उस पर चुप रहना मेरे लिए अनुचित होगा. उन्होंने कहा कि विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया मैंने अपने आपको विश्वास की कमी के रूप में नहीं देखा. हालांकि, अब विधानसभा स्पीकर ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही इस्तीफा दे दिया है जिससे बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है.

Also Read -   सबको मंत्री नहीं बना सकते, स्वतंत्र हैं जहां जाना हो जा सकते हो! जानिए बिहार के सीएम ने ऐसा क्यों कहा?